Anxiety : से छुटकारा दिला सकते है ये घरेलू उपाय, जानें एंग्जायटी के कारण, लक्षण और उपचार

Anxiety : हम में से ज्यादातर लोग एंग्जायटी के शिकार होते हे लेकिन हमे खुद ये बात पता नहीं होती। एंग्जायटी का मतलब डर और बेचैनी की वो भावना है जिसका सामना आपको अक्सर करना पड़ता है। किसी खास मौके पर या जिंदगी में अचानक किसी बदलाव के आने पर नर्वस हो जाना सामान्य सी बात है। लेकिन एंग्जाइटी डिसऑर्डर की समस्या वक्त-बेवक्त होने वाली सामान्य चिंता या डर से बड़ी समस्या है। यह मस्तिष्क को चोट देने के साथ ही शरीर को भी नुकसान पहुंचाती है। इस दौड़-भाग में हम लोगों की जिंदगी जैसी हो गई है उसमें एंग्जायटी का होना बहुत आम बात है।

Anxiety क्या है ?


Anxiety एंग्जायटी अवसाद, निराशा, दुःख और अकेलेपन से जन्म लेती है। जब हम अपनी भावनाओं को अनदेखा करते हैं तो वे हमारे दुःख का कारण बनती हैं। और धीरे धीरे इसी प्रकार, नजरअंदाज किए जाने पर यह दुःख एंग्जायटी का रूप ले सकता है। एंग्जायटी (Anxiety) तो हर किसी को होती है लेकिन यह तब घातक हो जाती है जब यह सामान्य एंग्जायटी की जगह anxiety disorder का रूप ले लेती है। और इसे बीमारी के तौर पर पहचानना भी मुश्किल होता है। इसके शुरुआती लक्षणों में अचानक पसीना आना, बेचैनी और तनाव महसूस करना और दिल की धड़कन तेज होना शामिल हैं। जैसे की आप एग्जाम देने से पहले, या जिंदगी का कोई अहम फैसला लेने से पहले या कठिन समस्या का सामना करता है, तो वो चिंतित महसूस कर सकता है। लेकिन जिन्हे एंग्जायटी डिसॉर्डर होता है उनके लिए यह आम बात नहीं होती।

Anxiety से छुटकारा दिला सकते है ये घरेलू उपाय, जानें एंग्जायटी के कारण, लक्षण और उपचार

Anxiety : से छुटकारा दिला सकते है ये घरेलू उपाय, जानें एंग्जायटी के कारण, लक्षण और उपचार

Anxiety disorder (एंग्जायटी की बीमारी)


इस स्थिति में व्यक्ति को हर वक्त इस बात का डर लगा रहता है कि कुछ गलत होने वाला है। यह घबराहट के दौरे (पैनिक अटैक) होते हैं। इसमें व्यक्ति को हर समय चिंता, डर व घबराहट महसूस होती है। इसके अलावा उलटी व जी मिचलाने की समस्या भी महसूस होती है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है और सांस फूलने लगती है। एंग्जाइटी डिसऑर्डर से परेशान लोग कई तरह के ट्रीटमेंट लेते है। इन उपायों की मदद से वह एंग्जाइटी को कम या नियंत्रित कर सकते हैं। इन उपायों में टॉक थेरेपी या मेडिटेशन करना भी शामिल है। लेकिन इससे आप पूरी तरह छुटकारा नहीं पा सकते है। टेंशन/स्ट्रेस/चिंता और एंग्जाइटी से छुटकारा पाने के लिए यहाँ हम कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे है। अगर कोई विशेष नकारात्मक विचार या परेशानी बहुत लंबे वक्त तक बनी रहे और उससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ने लगे तो ये वाकई खतरनाक है।

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Anxiety disorder के कारण

  • कार्य का बोझ, तनाव, अपने किसी प्रिय व्यक्ति का निधन अथवा ब्रेकअप जैसी घटनाएँ आज के समय में दुःख और एंग्जायटी का सबसे बड़ा कारण है। जो व्यक्ति लंबे समय से डिप्रेशन से जूझ रहा हो, उसकी कार्यक्षमता में गिरावट आने लगती है। इससे कामकाज से जुड़ा तनाव बढ़ने लगता है और फिर एंग्जायटी (Anxiety) का जन्म होता है।
  • ज़्यादा चिंता करना, छोटी सी छोटी बातों को ज़्यादा सोचना, अकेले रहना, किसी से बातचीत न करना और अपने दिल की बात अपने दिल में ही रखना। इन सभी बातों से आप में एंग्जायटी, बीमारी का रूप लेने लगती है।
  • शराब के सेवन और एंग्जायटी डिसऑर्डर्स के बीच एक गहरा कनेक्शन है। जो लोग ज्यादा या रेगुलर शराब पीते हैं उनको कई सारी हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। उन्ही में से एक है एंग्जायटी।
  • अगर किसी के परिवार में मानसिक बीमारी से जुड़ी समस्याएँ होती रही हैं, उन्हें एंग्जायटी का खतरा बड़ जाता है। जैसे कि ओसीडी विकार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जा सकता है।
  • कुछ बीमारियाँ जैसे की थायरॉयड की बीमारी, दमा, डायबिटीज या हृदय रोग आदि भी आपको एंग्जायटी का शिकार बना सकती है।

Anxiety से छुटकारा दिला सकते है ये घरेलू उपाय, जानें एंग्जायटी के कारण, लक्षण और उपचार

एंग्जायटी (Anxiety) के सामान्य लक्षण

  • सांस फूलना
  • लोगों के सामने जाने से डरना
  • लोगों से बातचीत करने से डरना
  • बेवजह की चिंता करना
  • हृदयगति में बढ़ोत्तरी होना
  • छाती में खिंचाव महसूस होना
  • लिफ्ट वग़ैरह में जाने का डर कि वापस नहीं निकल पाएंगे
  • बार-बार चीजों को सही करते रहना
  • जीवन से निराश हो जाना
  • ये सोचने कि आप मरने वाले हैं या कोई आपको मार देगा
  • मांसपेशियों में तनाव बढ़ जाना
  • फालतू विचारों में बढ़ोतरी होना
  • बिना कारण के बेचैनी महसूस करना
  • गैरजरूरी चीज के प्रति बहुत लगाव होना

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एंग्जाइटी से बचने के कुछ उपाय Anxiety

  • एंग्जाइटी का शिकार इंसान ज्यादातर भविष्य की चिंताओं को लेकर परेशान रहता है। इसलिए भविष्य की चिंताओं को दरकिनार करते हुए आज के बारे में सोचना शुरू कर दें। और खुश रहने की कोशिश करें। फालतू की चिंता करने से बचे।
  • खुद को यकीन दिलाएं कि मुझ पर जो घबराहट हो रही है वह मुझे नुकसान नहीं पहुंचा सकता। ये थोड़ीदेर के लिए ही है और मुझे इसके लिए कुछ भी करने की जरुरत नहीं है।सब कुछ ठीक है।
  • एंग्जायटी अटैक आने पर लंबी सांसें लेना हमें शांत रखने में मदद करता है। इस दौरान जरूरी नहीं है कि आप गिनकर सांसें लें। सिर्फ लंबी सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान दें।
  • जब आपको एंग्जायटी महसूस हो तो अपने आसपास देखिए और उन तीन चीजों का नाम लें जिन्हें आप देख रहे हों। उन तीन आवाजों का नाम लें जिन्हें आप सुन पा रहे हों। इसके बाद अंत में अपने शरीर के तीन अंगों टखने, अंगुलियों और हाथों को क्रमश: हिलाइए। इससे एंग्जायटी में रहत मिलेगी।
  • जब भी आपको बेचैनी महसूस हो, खुद को व्यस्त करने की कोशिश करें। कुछ भी करें लेकिन खाली न बैठें। वो काम करें जो आपको पसंद हो।
  • जब आपको पेनिक अटैक आए तो इसका सबसे अच्छा तरीका है कि आराम से बैठ जाएं। कंधों को फैला लें। अपनी पीठ को कुर्सी या सोफे की पीठ पर टिकाकर रखें और पैरों को फैला लें। थोड़ी ही देर में इस पोश्चर से दिमाग को संकेत जाने लगता है कि सब कुछ ठीक है।

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By Aaryan